NCERT MCQ Solutions for Class 1 Hindi Sarangi Chapter 14 बरखा और मेघा for academic session 2025-26. कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 बरखा और मेघा में प्यारी दोस्ती को दर्शाया गया है। यह कहानी बच्चों को प्रकृति के साथ जुड़ने और मौसमी बदलाव को समझने का अवसर देती है। MCQ प्रश्नों के माध्यम से बच्चों की समझ, भावनाओं और कल्पनाशीलता की जांच की जाती है। उत्तरों की व्याख्या सहज और स्पष्ट है जिससे छात्र आत्मनिर्भर होकर अभ्यास कर सकें। कक्षा 1 हिंदी पाठ 14 बच्चों के मन में वर्षा ऋतु के प्रति आकर्षण, जिज्ञासा और पर्यावरण प्रेम को बढ़ाता है। इसकी सरल भाषा और कल्पनात्मक प्रस्तुति इसे बेहद रोचक बनाती है।


Class 1 Hindi MCQ Solutions
Class 1 MCQ Solutions

कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 बहुविकल्पी प्रश्न समझने में आसान

बहुविकल्पी प्रश्न, जिन्हें हम MCQ कहते हैं, छोटे बच्चों के लिए बहुत आसान होते हैं। इन प्रश्नों में एक सवाल होता है और उसके नीचे चार उत्तर दिए जाते हैं। बच्चों को केवल सही उत्तर को पहचानना होता है। इससे बच्चों को पढ़ाई में डर नहीं लगता। जब उन्हें समझ आता है कि चार में से एक उत्तर सही है, तो वे ध्यान से सोचते हैं। यह तरीका उन्हें सोचने और समझने की आदत डालता है। बच्चे जल्दी जवाब देना भी सीखते हैं। जैसे हमने कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 बरखा और मेघा कहानी में देखा कि दो सहेलियाँ मिलकर नदी पार करती हैं, वैसे ही बच्चे NCERT Solutions MCQ को समझकर सही उत्तर तक पहुँचते हैं।

Q1. बरखा और मेघा कौन थीं?

[A]. सहेलियाँ
[B]. बहनें
[C]. सहपाठिन
[D]. पड़ोसन

Q2. बरखा और मेघा किसके साथ थीं?

[A]. दोस्त
[B]. अकेले
[C]. बच्चे
[D]. माँ-बाप

Q3. कहानी में किस नदी का उल्लेख है?

[A]. गंगा
[B]. यमुना
[C]. सरस्वती
[D]. कोई नहीं

Q4. नदी को कैसे पार किया गया?

[A]. पुल
[B]. तैरकर
[C]. नाव
[D]. कोई उल्लेख नहीं

कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 एमसीक्यू से बच्चों की सोचने की शक्ति

MCQ से बच्चों की सोचने और समझने की शक्ति तेज़ होती है। जब सवाल में चार विकल्प होते हैं, तो बच्चे हर एक विकल्प को सोचकर परखते हैं। वे यह विचार करते हैं कि कौन सा सही है और क्यों सही है। यह तरीका उनके दिमाग को सक्रिय रखता है। जैसे “मेघा” डर गई थी और “बर्खा” ने रास्ता निकाला, वैसे ही बच्चे भी सोचते हैं कि कौन सा उत्तर उन्हें आगे ले जाएगा। इससे उनकी तार्किक सोच विकसित होती है। छोटे-छोटे सवालों से बच्चों में आत्मविश्वास भी आता है और वे परीक्षा से नहीं घबराते।

Q5. बरखा और मेघा के बच्चे कितने थे?

[A]. एक
[B]. दो
[C]. तीन
[D]. चार

Q6. बरखा ने मेघा से क्या कहा जब वे नदी के पास पहुँचीं?

[A]. हम आराम से पार कर लेंगे
[B]. चलो वापस चलें
[C]. नदी पार करना आसान है
[D]. हम नदी कैसे पार करेंगे?

Q7. मेघा को किस बात की चिंता थी?

[A]. रास्ता कठिन था
[B]. नदी गहरी थी
[C]. बच्चे भूखे थे
[D]. समय की कमी थी

Q8. बरखा ने मेघा को नदी पार करने का कौन-सा तरीका बताया?

[A]. नाव से
[B]. तैराकी से
[C]. रस्सी से
[D]. पुल से

कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 MCQ से सीखना खेल जैसा

बहुविकल्पी प्रश्न पढ़ाई को रोचक और मज़ेदार बना देते हैं। बच्चों को लगता है कि वे खेल रहे हैं। उन्हें विकल्पों में से सही जवाब चुनना एक खेल की तरह लगता है। इससे वे ध्यान लगाकर पढ़ाई करते हैं और जल्दी बोर नहीं होते। कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 बरखा और मेघा जैसी कहानियों से जब सवाल पूछे जाते हैं और उनके उत्तर विकल्पों के रूप में मिलते हैं, तो बच्चे कहानी को बार-बार पढ़ते हैं। इससे उनकी याददाश्त भी अच्छी होती है। जब पढ़ाई खेल जैसी लगे, तो बच्चे खुद से पढ़ने लगते हैं।

Q9. बरखा और मेघा कहाँ जा रही थीं?

[A]. गाँव के मेले में
[B]. घर वापस
[C]. बाजार
[D]. स्कूल

Q10. किसने सबसे पहले नदी पार करने का साहस दिखाया?

[A]. बरखा
[B]. मेघा 
[C]. किसी ने नहीं
[D]. बच्चों ने

Q11. बरखा और मेघा के बच्चों ने किसके साथ मिलकर खेला?

[A]. अकेले
[B]. अपने माता-पिता के साथ
[C]. अन्य बच्चों के साथ
[D]. किसी के साथ नहीं

Q12. बरखा ने मेघा को क्या कहा जब उन्होंने नदी पार की?

[A]. यह बहुत आसान था
[B]. हम सफल हो गए
[C]. यह बहुत कठिन था
[D]. चलो मेला देखना शुरू करें
परीक्षा की तैयारी के लिए कक्षा 1 हिंदी अध्याय 14 MCQ

MCQ बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करते हैं। जैसे-जैसे वे इन सवालों का अभ्यास करते हैं, उन्हें पता चलने लगता है कि किस तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे परीक्षा में अच्छे अंक लाते हैं। कक्षा 1 हिंदी बरखा और मेघा के बारे में पूछा जाए कि उन्होंने नदी कैसे पार की और विकल्प दिए जाएँ, तो बच्चा जल्दी से उत्तर चुन सकता है। ऐसे अभ्यास से उन्हें समय की कीमत भी समझ में आती है और वे जल्दी जवाब देना सीखते हैं। ये आदतें आगे चलकर बहुत काम आती हैं।

Q13. मेले में बच्चों ने क्या सबसे पहले देखा?

[A]. खिलौने की दुकान
[B]. मिठाई की दुकान
[C]. झूला
[D]. रंग-बिरंगी रोशनी

Q14. मेघा ने किस प्रकार की सावधानी बरती?

[A]. बच्चों को अपने पास रखा
[B]. धीरे-धीरे नदी पार की
[C]. पानी में न उतरीं
[D]. कुछ भी नहीं

Q15. बरखा और मेघा ने मेले में सबसे अधिक क्या किया?

[A]. बातचीत की
[B]. मिठाई खाई
[C]. खिलौने खरीदे
[D]. झूला झूला

Q16. नदी पार करने के बाद बरखा और मेघा को कैसा महसूस हुआ?

[A]. डर
[B]. गर्व
[C]. दुःख
[D]. थकान
कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 MCQ से सही और गलत पहचानने की आदत

MCQ से बच्चों को सही और गलत में फर्क करना आ जाता है। जब वे विकल्पों में से सही उत्तर चुनते हैं, तो वे सीखते हैं कि गलत उत्तर को कैसे पहचानना है। इससे उनकी सोच में स्पष्टता आती है। वे समझते हैं कि गलतियाँ कहाँ होती हैं और अगली बार उन्हें कैसे सुधारा जा सकता है। जैसे “बर्खा” ने कहा कि सब मिलकर तैर सकते हैं, उसी तरह बच्चे भी मिलकर अभ्यास करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। यह सही निर्णय लेने की आदत उन्हें जीवन में आगे भी मदद करती है।

Q17. मेले में सबसे ज्यादा किस चीज़ ने आकर्षित किया?

[A]. खिलौने
[B]. सजावट
[C]. झूला
[D]. मिठाई

Q18. बरखा और मेघा ने मेले में कितनी देर बिताई?

[A]. कुछ मिनट
[B]. कुछ घंटे
[C]. आधा दिन
[D]. पूरा दिन

Q19. नदी पार करने के बाद बच्चों ने क्या अनुभव किया?

[A]. उत्साह
[B]. थकान
[C]. दुःख
[D]. भय

कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 MCQ से छोटे बच्चों को क्या लाभ होता है?

MCQ बच्चों के लिए आसान और रोचक होते हैं। कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 जैसे पाठ में MCQ से बच्चे बिना डर के उत्तर देने की आदत डालते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे परीक्षा के लिए तैयार होते हैं।

कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 MCQ को कैसे तैयार करें?

बच्चों को पहले कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 बरखा और मेघा की कहानी ध्यान से पढ़वाएँ। फिर उन्हें दिए गए MCQ सवालों को समझाकर हल कराएँ। उन्हें यह सिखाएँ कि हर विकल्प को ध्यान से पढ़कर ही उत्तर चुनें।

क्या कक्षा 1 हिंदी सारंगी अध्याय 14 MCQ से परीक्षा में मदद मिलती है?

हाँ, MCQ से बच्चों को परीक्षा में बहुत मदद मिलती है। ये प्रश्न उन्हें समय पर सही उत्तर चुनने की आदत डालते हैं और उनका प्रदर्शन बेहतर होता है। इससे वे आगे की कक्षाओं में भी मजबूत आधार बना पाते हैं।